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टांडो मुहम्मद ख़ान🇵🇰 में हिंदू लड़कियों का अपहरण 🚨 पहले से मिल रही धमकियों के बीच अब भी लापता

  • January 5, 2026
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13 और 14 वर्ष की दो नाबालिग हिंदू लड़कियों का एक भयावह अपहरण से पहले का वीडियो सामने आया है, जिसमें वे लगातार हो रही छेड़छाड़ और अपने

टांडो मुहम्मद ख़ान🇵🇰 में हिंदू लड़कियों का अपहरण 🚨 पहले से मिल रही धमकियों के बीच अब भी लापता

13 और 14 वर्ष की दो नाबालिग हिंदू लड़कियों का एक भयावह अपहरण से पहले का वीडियो सामने आया है, जिसमें वे लगातार हो रही छेड़छाड़ और अपने अपहरणकर्ताओं से मिल रही धमकियों के डर को उजागर करती हैं। रेला और शीतल के रूप में पहचानी गई इन लड़कियों को 6 नवंबर 2025 की रात पाकिस्तान के सिंध प्रांत में टांडो मुहम्मद ख़ान रेलवे स्टेशन के पास से जबरन अगवा कर लिया गया। तीन दिनों तक लगातार संघर्ष के बाद, उनके परिवार किसी तरह एफआईआर दर्ज कराने में सफल हुए, इस उम्मीद में कि पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी, लड़कियों को बरामद करेगी और आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।

अपहरण से पहले का वीडियो: मदद की गुहार

वीडियो में दोनों लड़कियाँ अपने बयान रिकॉर्ड करती हुई दिखाई देती हैं। वे बेहद डरी हुई हैं और उन्हें मिली धमकियों का ज़िक्र करती हैं। वे बताती हैं कि उनके अपहरणकर्ताओं ने कई दिनों से उन्हें फोन कर परेशान किया था। यह वीडियो अब व्यापक रूप से फैल चुका है, जिससे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और वे पाकिस्तानी अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अपहरण और जबरन धर्मांतरण का लगातार पैटर्न

यह घटना कोई अकेली नहीं है। टांडो मुहम्मद ख़ान क्षेत्र में नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और विवाह के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल लगभग 1,000 हिंदू और ईसाई महिलाएँ ऐसे अपहरणों का शिकार होती हैं, जिनमें से कई मामले दर्ज ही नहीं होते या स्थानीय प्रशासन द्वारा नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं। पीड़ित परिवारों को अक्सर धमकियों और डराने-धमकाने का सामना करना पड़ता है, जिससे वे कानूनी कार्रवाई करने या अपनी बेटियों को वापस लाने में असमर्थ हो जाते हैं।

समुदाय और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

स्थानीय हिंदू अधिकार कार्यकर्ताओं और संगठनों ने इन अपहरणों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये अपराध अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाने के लिए चलाए जा रहे एक संगठित अभियान का हिस्सा हैं। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा,
“पुलिस और न्यायपालिका की निष्क्रियता ही अपराधियों का हौसला बढ़ाती है। हम रेला और शीतल की सुरक्षित वापसी और न्याय की मांग करते हैं।”

अंतरराष्ट्रीय आक्रोश और न्याय की मांग

मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने बार-बार पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से सिंध में, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं ने कमजोर समुदायों की रक्षा और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए त्वरित सुधारों की मांग की है। हालिया वीडियो ने इन मांगों को और तेज़ कर दिया है, और कार्यकर्ता पाकिस्तानी सरकार से ठोस कदम उठाने तथा अल्पसंख्यक परिवारों को सुरक्षा प्रदान करने की अपील कर रहे हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जारी जांच

परिवारों के लगातार प्रयासों के बाद स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि, समुदाय को जांच की प्रभावशीलता पर संदेह है, क्योंकि ऐसे मामलों में पहले भी देरी और अपर्याप्त कार्रवाई का इतिहास रहा है। रेला और शीतल के परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार जनसमर्थन और मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की अपील कर रहे हैं।

निष्कर्ष

रेला और शीतल का अपहरण पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के सामने मौजूद लगातार खतरों की एक गंभीर याद दिलाता है। उनके अपहरण से पहले के बयानों का वीडियो जब सामने आया है, तो यह अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक मार्मिक चेतावनी बन गया है कि वे जबरन धर्मांतरण और अपहरण के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करें। पूरी दुनिया देख रही है, जबकि इन मासूम लड़कियों के परिवार न्याय और अपनी बेटियों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

#SaveHinduDaughtersOfSindh
#JusticeForRailaAndSheetal

इस मामले और पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू व सिंधी समुदायों से जुड़े अन्य मुद्दों पर विस्तृत जानकारी और अपडेट के लिए सिंध समाचार से जुड़े रहें।